पवन सिंघ
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में टोल बैरियरों पर प्रवेश शुल्क (Entry Tax) में की गई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ पंजाब के विभिन्न संगठनों ने आर-पार की जंग का बिगुल फूंक दिया है। पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों और मोर्चों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो 31 मार्च की आधी रात से पंजाब और हिमाचल को जोड़ने वाले सभी 33 प्रवेश द्वारों पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
बारिश के बीच सड़कों पर उतरा जनसैलाब
रविवार को खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। पंजाब मोर्चा, किरती किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन (बहिराम के), आज़ाद टैक्सी यूनियन और विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने भरतगढ़-नालागढ़ को जोड़ने वाले दो प्रमुख स्टेट हाईवे — पंजेहरा रोड और दभोटा रोड — को करीब ढाई घंटे तक पूरी तरह बंद रखा।
प्रमुख अपडेट्स:
चक्का जाम का दायरा: कीरतपुर साहिब-मनाली नेशनल हाईवे, घनौली-भरतगढ़ मार्ग सहित रोपड़ जिले के 11 और पूरे पंजाब के कुल 33 एंट्री पॉइंट्स को बंद करने का लक्ष्य है।
नारेबाजी और रोष: प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंचायत मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को 'जनविरोधी' बताया।
सोशल मीडिया की अनसुनी: संघर्षकारी नेताओं का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सरकार तक अपनी बात पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर अब 'सड़क की लड़ाई' ही एकमात्र रास्ता बचा है।
"यह केवल टैक्स का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता और ट्रांसपोर्टरों के हक की बात है। अगर 31 मार्च तक सरकार नहीं जागी, तो पूरे पंजाब से हिमाचल की सप्लाई और आवाजाही ठप कर दी जाएगी।" — प्रदर्शनकारी नेता
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