31 मार्च 2026 को अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला सोलन इकाई द्वारा एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परिषद के जिला अध्यक्ष ज्ञान शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ तथा मंच संचालन का दायित्व मीरा तनवर ने कुशलतापूर्वक निभाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि पुरुषोत्तम की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को दो सत्रों में आयोजित किया गया—
प्रथम सत्र : कुटुंब प्रबोधन एवं “वंदे मातरम्” शताब्दी विषय पर विमर्श
प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता डा. अजय शर्मा ने “कुटुंब प्रबोधन” तथा “वंदे मातरम् के 100 वर्ष” विषय पर अत्यंत सारगर्भित एवं विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि कुटुंब केवल सामाजिक इकाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का मूल आधार है। परिवार के माध्यम से ही संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति का बीजारोपण होता है।
उन्होंने “वंदे मातरम्” के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि आज के परिवर्तित सामाजिक परिवेश में कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ गई है, ताकि समाज में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया जा सके।
मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। विशिष्ट अतिथि पुरुषोत्तम ने परिषद के इस प्रयास को राष्ट्रहित में एक सशक्त पहल बताते हुए इसकी सराहना की।
द्वितीय सत्र : कवि गोष्ठी
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में एक भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। देशभक्ति, संस्कृति, परिवार और सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से दीनानाथ शर्मा,अजय,हीरा दत्त ,शीला,राजीव,मोनिका व मीरा सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रोताओं एवं अतिथियों ने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सशक्त कड़ी बताया।
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