कुनिहार :-
शांत माने जाने वाले कुनिहार में अब गुस्सा सुलगने लगा है। करीब 100 साल पुराने स्कूल को हिमाचल प्रदेश (एचपी) बोर्ड से हटाकर सीबीएसई में बदलने के फैसले ने क्षेत्र में बवाल खड़ा कर दिया है। अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है और उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी दे डाली है फैसला वापस लो, नहीं तो सड़कें जाम होंगी। आज अभिभावक और ग्रामीण काफी संख्या में छात्र विद्यालय कुनिहार में पहुंचे जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन कर उसके बाद कुनिहार बाजार से रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की । अभिभावकों ने मांग की कि हमें अपने बच्चे एचपी बोर्ड में ही पढ़ाने हैं। इस 100 वर्ष पुराने स्कूल को एचपी बोर्ड ही रहने दिया जाए।
स्थानीय निवासी नीरज शर्मा ने तीखे शब्दों में कहा कि यह फैसला बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। छोटे-छोटे बच्चों को अब दूर-दराज के स्कूलों में भेजना पड़ रहा है। सरकार को जमीनी हकीकत का अंदाजा ही नहीं है। अगर चार दिन में समाधान नहीं हुआ, तो हम चुप नहीं बैठेंगे ।
वहीं, तृप्ता ठाकुर ने भावुक होते हुए कहा कि यह स्कूल केवल इमारत नहीं, बल्कि पीढ़ियों की पहचान है। हमारे बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, सबकी पढ़ाई यहीं हुई है। सरकार अगर इसे छेड़ेगी, तो विरोध भी उतना ही जोरदार होगा,” उन्होंने दो टूक कहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह फैसला बिना जनता से राय लिए थोप दिया गया है। उनका कहना है कि “विकास” के नाम पर बच्चों को परेशान करना किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं होगा।
अब लोगों ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि आंदोलन की शुरुआत है। चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द ही एचपी बोर्ड बहाल नहीं किया गया, तो कुनिहार में बड़ा जनांदोलन भड़क सकता है।जिसकी गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई देगी।
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